Connect with us

Special News

छत्तीसगढ़ के पढ़ई तुंहर दुआर को मिला ई-गवर्नेंस अवॉर्ड, सीएम बघेल और शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

Published

on

Share This Now :

रायपुर : कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते स्कूली बच्चों को घर बैठे ऑनलाइन शिक्षण सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम को न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया बल्कि इस अभिनव कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर ई-गवर्नेंस अवार्ड भी मिला है। यह अवार्ड आज उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन रविन्द्र जायसवाल के हाथों प्रदान किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से संचालक लोक शिक्षण एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा जितेन्द्र शुक्ला, सहायक संचालक समग्र शिक्षा डॉ. एम. सुधीश और एन.आई.सी. की वैज्ञानिक मती ललिता वर्मा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ के सभी सक्रिय शिक्षकों को समर्पित किया है जिन्होंने एक उत्कृष्ट कोरोना वारियर के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा यह अवार्ड केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे विभिन्न नवाचारी प्रयासों की पहचान कर बेस्ट प्रैक्टिसेस को महत्व देते हुए उन्हें और विस्तारित करने के उद्देश्य से दस्तावेजीकरण कर दिया जाता है। अवार्ड के लिए चयन होने से पूर्व विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम का गहन मूल्यांकन करते हुए क्षेत्र में कार्यक्रम के प्रभाविता की स्थिति देखी जाती है।

advt_dec21
geeta_medical1
geeta_medical

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा “पढई तुंहर दुआर” कार्यक्रम का शुभारंभ 7 अप्रैल 2020 को किया गया। छत्तीसगढ़ में 20 मार्च 2020 को स्कूलों के लॉकडाउन की घोषणा होते ही इस कार्यक्रम को शीघ्रताशीघ्र तैयार कर पूरा परीक्षण किया गया। इस कार्य्रकम को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कोविड लॉकडाउन के दौरान कार्यालयों के बंद होने की स्थिति में अपने निवास पर एन.आई.सी. और विभाग की टीम के साथ बहुत ही कम लागत में बिना किसी बाहरी एजेंसी की सहायता लिए पूरी तरह विभागीय संसाधनों से तैयार किया।

’पढई तुंहर दुआर’ की वेबसाईट में बहुत ही कम समय में शिक्षकों एवं बच्चों को जोड़ा गया। इस कार्यक्रम के विभिन्न घटकों के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य और निचले स्तर तक मीडिया सेल गठित किया गया। नोडल अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस वेबसाईट से परिचय एवं पंजीयन कर उपयोग हेतु प्रेरित किया गया। वर्तमान में वेबसाईट में 25.97 लाख विद्यार्थी एवं 2.07 लाख शिक्षक जुड़े हुए हैं।

“पढई तुंहर दुआर” की वेबसाईट में कक्षावार एवं विषयवार बहुत सारी सीखने में सहायक सामग्री अपलोड की गयी है। यह सामग्री राज्य के शिक्षकों ने स्वयं अपने घरों में स्टूडियो स्थापित कर तैयार कर अपलोड की है। कोरोना के दौरान शिक्षकों ने तकनीक को बहुत जल्दी सीख लिया। नियमित ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन, गृहकार्य देना, गृहकार्यों की जांच कर बच्चों को फीडबैक देना, बच्चों को शंकाओं को पूछने और उनके समाधान प्राप्त करने के अवसर, प्रत्येक बच्चे का आकलन कर उसका रिकार्ड रख पाना, सभी पाठ्यपुस्तकों के पीडीएफ डाउनलोड करने जैसी बहुत सी सुविधाएँ इस वेबसाईट में दी गयी हैं।

छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन माध्यम के अलावा ऑफलाइन शिक्षा में भी बहुत से नवाचार शिक्षकों द्वारा किए गए हैं। इस कड़ी में मोहल्ला कक्षाओं का आयोजन, लॉउडस्पीकर के माध्यम से शिक्षा, बुल्टू के बोल, मिस्ड काल गुरूजी जैसे अनेकों नवाचार शिक्षकों द्वारा किए गए। लॉकडाउन की अवधि में शिक्षकों द्वारा बिना किसी शासकीय आदेश के बच्चों को विभिन्न वैकल्पिक साधनों के माध्यम से पढ़ाई के अवसर प्रदान किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में सामुदायिक सहभागिता का बहुत अच्छा उदाहरण इस कार्यक्रम के माध्यम से सामने आया। लोगों ने बढ़-चढ़कर बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थान और सीखने में सहयोग करने हजारों की संख्या में स्व-प्रेरित शिक्षा सारथी की सेवाएं उपलब्ध करवाई। शिक्षकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से इस कार्य में जुड़े शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वेबसाईट के मुखपृष्ठ में प्रतिदिन दो ब्लॉग लिखकर अपलोड किया जाता है। जिसमें इस योजना के अंतर्गत बेहतर कार्य कर रहे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए उन पर ब्लॉग लिखा जाता है। कार्य्रकम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों पर आधारित “शिक्षा के गोठ” नामक मासिक पत्रिका भी प्रकाशित की जा रही है।

Share This Now :
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Special News

CG : CM ने इको लर्निंग सेंटर दुधावा और इको पर्यटन स्थल कोडार का किया लोकार्पण, सैलानियों को आकर्षित करेगा कुदरत का नजारा

Published

on

Share This Now :

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने के लिए उत्तर बस्तर कांकेर में दुधावा डेम पर निर्मित इको लर्निंग सेंटर और महासमुंद जिले में कोडार जलाशय पर निर्मित इको पर्यटन स्थल का वर्चुअल लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संबंधित क्षेत्र की वन प्रबंधन समिति को वन क्षेत्र में जलाशय के पास खुबसूरत पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगांे को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर पर्यटक आकर्षित और कुदरत का नजारा देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दोनों पर्यटन स्थल जन सामान्य में वन्यजीव और जैव विविधता की जानकारी देने के साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने में अवश्य सफल होगा।

इको पर्यटकों स्थल वन चेतना केन्द्र कोडार में 39 लाख 14 हजार रूपए का कार्य किया जा चुका है और 40 लाख रूपए का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में पहंुच मार्ग उन्नयन, वाटर सप्लाई सिस्टम, मचान, ट्री हाउस, नेचर ट्रेल, बर्ड वाचिंग और मोटर बोट की सुविधा के विकास कार्य प्रगति पर हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां वन परिवेश में रहने और साहसिक शिविर आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा पुरातत्व निर्मित सिरपुर में मार्च 2021 में रामवनगमन पथ के अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए की गई घोषणा के अंतर्गत वन चेतना केन्द्र कोडार का विकास इको पर्यटन स्थल के रूप में किया गया है। वन चेतना केन्द्र कोडार राजधानी रायपुर के 65 किलोमीटर, महासमुंद मुख्यालय से 17 किलोमीटर और सिरपुर नगरी से 20 मीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे क्रमांक 53 पर स्थित है। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए एडवेंचर, मनोरंजन, स्वास्थ्य लाभ, संस्कृति पर्यावरण संचेतना और स्थानीय रोजगार के विकास का अद्भूत समागम प्रस्तुत किया गया है। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए नाईट कैम्पिंग, कैम्प फॉयर एवं स्टार गेजिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मनोरंजन के लिए बॉलीवाल, नेट क्रिकेट, बैडमिंटन, कैरम, शतरंज, निशानेबाजी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही नौका विहार, बैम्बू रॉफ्टिंग और पर्यटकों के स्वाल्पाहार के लिए स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यंजन और सुपाच्य भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है। ऊंची-ऊंची पहाड़ियों के बीच से घिरे जलाशय स्थल पर सन्सेट देखने का सुकून भरा अनुभव, सेल्फी जोन एवं फिशिंग का आनंद पर्यटकों द्वारा लिया जा सकेगा। इस केन्द्र में जिले के स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए उत्पादों और संजीवनी के उत्पादों के विक्रय की सुविधा का विकास भी किया जा रहा है। स्थल के समीप खल्लारी माता का मंदिर स्थित है, जहां पर्यटकों द्वारा दर्शन भी किया जा सकता है।

advt_dec21
geeta_medical1
geeta_medical

जिला खनिज न्यास संस्थान मद, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, विधायक निधि और वन विभाग के पर्यावरण वानिकी मद के अभिसरण से पोषित, प्रकृति की गोद में स्थिति इको पर्यटन केन्द्र के इस केन्द्र में न्यूनतम निर्माण कार्य किए गए हैं। वनों की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखते हुए जन सामान्य में वन चेतना का संचार करने का प्रयास किया जा रहा है।

कांकेर जिले के दुधावा जलाशय में स्थित इको लर्निंग सेंटर का संचालन वन प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा। यह पर्यटन स्थल मुख्यमंत्री की प्रेरणा के गढ़बो नवा कांकेर के रूप में विकसित किया गया है, जहां पर्यटकों के ठहरने, खान-पान के लिए रेस्टोरंेट, एडवेंचर के लिए दो मोटर बोट से शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां पर ट्रेकिंग की व्यवस्था भी की गई है। इस केन्द्र में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस स्थल को इको पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री को केन्द्र के उद्घाटन के अवसर पर वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री देवचंद भास्कर ने बताया कि यहां की सुंदरता को देखकर पर्यटक आकर्षित होंगे। इससे हमें आशा है कि सेंटर खोलने से लोगों को रोजगार मिलेगा। ग्राम पंचायत दुधावा की सरपंच श्रीमती श्याम नेताम ने कहा कि इस क्षेत्र को इतने सुंदर ढ़ंग से विकसित किया है कि ऐसा लगता है कि हम मिनी गोवा आ गए हैं। मुख्यमंत्री को ग्राम पंचायत सुन्ना के श्री राजेन्द्र यादव ने बताया कि उन्होंने एक लाख 57 हजार रूपए का गोबर बेचकर 85 हजार रूपए की स्कूटी खरीदी है। बचत राशि से वे अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उनका एक बच्चा कॉलेज में और दूसरा बच्चा कक्षा 9वीं में पढ़ाई कर रहा है।

मुख्यमंत्री निवास में वर्चुअल आयोजित इस कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. रेणु जी. पिल्ले, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, ग्रामोद्योग विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती मनिन्दर कौर, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री पी. व्ही. नरसिंह राव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैम्पा श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।

Share This Now :
Continue Reading

Special News

CG : सिटी बसों का किराया 25% तक बढ़ाया गया, त्रैमासिक कर में 1 जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट ; जानिए कैबिनेट के अहम फैसले

Published

on

Share This Now :

रायपुर : सीएम निवास में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।  सिटी बसों का किराया 25% तक बढ़ाया गया है। साथ  ही त्रैमासिक कर में 1 जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट दी गई है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर भर्ती के लिए बस्तर एवं सरगुजा सम्भाग तथा कोरबा ज़िले में लागू स्थानीय निवासी होने की शर्त से छूट प्रदान करने का निर्णय।

बैठक में COVID संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण लगे Lockdown एवं शैक्षणिक संस्थान के बसों का संचालन न होने के कारण, शैक्षणिक संस्था के लिए संचालित बस द्वारा देय त्रैमासिक कर में 1 जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट प्रदान करने का निर्णय।

advt_dec21
geeta_medical1
geeta_medical

बैठक में आबकारी विभाग द्वारा आयोजित आबकारी उप निरीक्षक के पद पर सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में आवेदकों कर्मचारियों को आयु सीमा में केवल एक बार के लिए छूट देते हुए आगामी सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय।

अहम फैसले

छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जारी राशनकार्डाें पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के समक्ष अतिरिक्त खाद्यान्न निःशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया गया। इस पर 223.58 करोड़ रूपए की व्ययभार की प्रतिपूर्ति छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक नीति 2019-24 में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उद्यमियों को औद्योगिक नीति में वर्णित पिछड़े विकासखण्ड श्रेणी ‘‘द‘‘ में रियायती दर पर विभागीय लैंड बैंक की (औद्योगिक पार्कों) क्षेत्र के लिए हस्तांतरित भूमि को छोड़कर), अविकसित औद्योगिक प्रयोजन की भूमि आबंटित किए जाने संबंधी प्रावधान एवं अन्य संशोधनों का अनुमोदन किया गया।

अ.सोलर विद्युत उत्पादन में लगने वाले प्लांट एवं मशीनरी पर आधारित उद्योगों को उच्च प्राथमिकता की श्रेणी में शामिल किया गया।

ब. निजी भूमि पर उत्पादन किए जाने वाले काष्ठ पर आधारित उद्योग को प्राथमिकता उद्योग में शामिल किया गया।

स. औद्योगिक नीति के अंतर्गत एमएसएमई सेवा श्रेणी उद्यमों की सूची अनुमोदित की गई।

द. उद्योग नीति में पूर्व में किए गए संशोधनों को एक नवम्बर 2019 से प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया। धान/चावल उपार्जन में प्रयुक्त होने वाले जूट बैग/बारदाना को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया गया।

य. राज्य में स्थापित होने वाले निजी औद्योगिक पार्काें में विस्तार के लिए 3 करोड़ रूपए तक के अनुदान का प्रावधान किया गया।

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सहायक शिक्षक पद पर भर्ती के लिए बस्तर एवं सरगुजा संभाग तथा कोरबा जिले में लागू स्थानीय निवासी होने के शर्त से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

कोविड-19 संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण लॉकडाउन एवं शैक्षणिक संस्था के बसों के संचालन नहीं होने के कारण शैक्षणिक संस्थान के लिए संचालित बस द्वारा देय त्रैमासिक कर में एक जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य में किसानों से धान खरीदी के लिए पुराने जूट बारदानें की दर 18 रूपए प्रति नग से बढ़ाकर 25 रूपए प्रति नग निर्धारित करने तथा किसानों को इसका भुगतान समर्थन मूल्य के भुगतान के साथ करने मुख्यमंत्री जी के अनुमोदन का अनुसमर्थन किया गया।

डीजल के मूल्य पर वृद्धि होने के कारण संविदा वाहन एवं प्रकरण वाहन के रूप में संचालित नगर वाहन के यात्री किराए की दर में परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तावित वृद्धि दर का अनुमोदन किया गया।

आबकारी विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली आबकारी उप निरीक्षक के पद पर सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में आवेदकों/कर्मचारियों को आयु सीमा में केवल एक बार के लिए छूट देते हुए आगामी सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।

रायपुर विकास प्राधिकरण रायपुर को पट्टे पर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में पूर्ण में आबंटित शासकीय भूमि को एक रूपए प्रति वर्ग फुट की दर से आबंटित करने का निर्णय लिया गया। रायपुर विकास प्राधिकरण को रायपुर के कटोरा तालाब पुरैना, अमलीडीह, तेलीबांधा, रायपुरा, बोरियाखुर्द, सरौना, हीरापुर, देवेन्द्र नगर, पंडरीतराई, फाफाडीह सहित अन्य स्थानों पर कुल 162.31 एकड़ रकबा पट्टे पर आबंटित है, जिसमें से 158.50 एकड़ आवासीय प्रयोजन तथा 3.81 एकड़ की व्यावसायिक प्रयोजन की भूमि है।

माननीय मुख्यमंत्री द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में राइस मिलों को कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 120 रूपए प्रति क्विंटल दिए जाने की घोषणा की गई है। प्रोत्साहन राशि में वृद्धि किए जाने पर अतिरिक्त व्यय भार राशि 945 करोड़ सहित प्रोत्साहन राशि में कुल व्यय 1295 करोड़ रूपए संभावित है। इसकी प्रतिपूर्ति छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ को अतिरिक्त व्यय मद से किए जाने का निर्णय लिया गया। मिलर द्वारा न्यनतम 4 माह की क्षमता द्वारा कस्टम मिलिंग करने पर यह प्रोत्साहन राशि प्रदान करने एवं प्रोत्साहन के संबंध में स्लेब न्यवस्था समाप्त करने, प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत कस्टम मिलिंग के साथ तथा शेष 50 प्रतिशत राशि का भुगतान केन्द्रीय पूल में चांवल जमा होने के पश्चात किए जाने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा आयोग अधिनियम 1995 की धाराओं में संशोधन कर उपाध्यक्ष पद के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

गोधन न्याय योजना अंतर्गत गौठान समिति में उत्पादित कम्पोस्ट को सहकारी समितियों के माध्यम से निजी संस्था/फर्म को भी विक्रय के लिए सम्मिलित करने तथा योजना अंतर्गत प्रावधानित बजट में 0.5 प्रतिशत प्रशासकीय मद में व्यय की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया।

द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-22 का विधानसभा में उप स्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2021 का अनुमोदन किया गया।

Share This Now :
Continue Reading

Special News

छत्तीसगढ़ में धूम मचा रही गोबर से बनी चप्पल, जानिए कीमत से लेकर इसकी खासियत

Published

on

Share This Now :

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गोबर की चप्पल इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. गोकुल नगर में पशुपालक रितेश अग्रवाल प्लास्टिक के बजाय गोबर से चप्पल बना रहे हैं. दरअसल, रितेश अग्रवाल प्लास्टिक उपयोग का विरोध करते रहे हैं. उनका कहना है कि पूरी दुनिया में प्लास्टिक का इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है. इससे पर्यावरण के साथ गौवंश को भारी नुकसान हो रहा है. रितेश अग्रवाल ने बताया की राज्य सरकार ने गौठान बनाकर सड़को पर लावारिस घूमने वाले गौवंश को संरक्षित किया है. गाय सड़को पर पड़े प्लास्टिक खाकर बीमार हो जाती थी. उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत गौवंश प्लास्टिक खाने के कारण बीमार होते हैं. 80 प्रतिशत गौवंश की प्लास्टिक के कारण मौत हो जाती है. इसीलिए गाय को प्लास्टिक से दूर रखना बेहद जरूरी है.

उन्होंने कहा, “गौठान तो बन गए हैं लेकिन हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि इस पहल को कैसे आय का स्रोत और रोजगार सृजन किया जाए. इसके लिए हमने गोबर से चप्पल, दीए, ईंट और भगवान की प्रतिमा बनाने की शुरुआत की है. बीती दिवाली में 1 लाख 60 हजार दीए की बिक्री हुई हैं. अब तक गोबर से बनी चप्पल के एक हजार ऑर्डर मिल चुके हैं.

गोबर से चप्पल बनाने की आसान प्रक्रिया

advt_dec21
geeta_medical1
geeta_medical

उन्होंने बताया कि गोबर से चप्पल बनाने विधि सरल है. पुरानी पद्धति से हम गोबर की चप्पल बना रहे हैं. गोहार गम, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, चूना और गोबर पाउडर को मिक्स कर चप्पल बनाई जाती हैं. चप्पल बनाने और गौशाला में गौवंश के देखरेख के लिए 15 लोगों को रोजगार मिल रहा है. यहां महिलाएं 1 किलो गोबर से 10 चप्पलें बनाती हैं. मूल रूप से ये चप्पल घर, ऑफिस कार्य में पहन सकते हैं. 3-4 घंटे बारिश में भीगने पर भी ये खराब नहीं होती है. धूप में रखने के बाद चप्पल फिर से पहनने लायक हो जाती है.

चप्पल की खासियत

रितेश अग्रवाल ने बताया कि दर्जन भर चप्पल बिक चुकी हैं. चप्पलों को बीपी, शुगर के मरीज और गौ भक्तों के लिए सैंपल के तौर पर बनाया गया था. इस चप्पल से स्वास्थ्य के लाभ को जानने के लिए हमने लोगों को हमने रोजाना चप्पल पहनने के टाइमिंग नोट करने के लिए बोला है. साथ ही इस चप्पल पहनने के बाद बीपी और शुगर नोट करने के लिए बोला है. इसका असर भी दिखाई दे रहा है. रितेश ने बताया कि एक जोड़ी चप्पल की कीमत 400 रुपये है.

Share This Now :
Continue Reading
Advertisement

Video Advertisment

Advertisement



Advertisement Sahni Amritsari Kulche

Chhattisgarh Trending News

राज्य एवं शहर12 mins ago

छत्तीसगढ़ : पंचायत विभाग के मैदानी काम-काज की हो रही है समीक्षा

रायपुर : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के मैदानी स्तर पर हो रहे क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा...

राजनीति16 mins ago

छत्तीसगढ़ के 15 कांग्रेस MLA’s को उत्तरप्रदेश चुनाव के लिए मिली जिम्मेदारी, आज प्रियंका गांधी से करेंगे मुलाकात

रायपुर : उत्तरप्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के 15 विधायकों को...

क्राइम21 mins ago

CG : रायपुर में शराब दुकान में घुसकर चाकूबाजी, मैनेजर के सीने में चाकू से जानलेवा हमला किया  

रायपुर : बुधवार देर रात राजधानी की एक शराब दुकान में कुछ गुंडों ने खूब उत्पात मचाया। दुकान के सामानों...

राज्य एवं शहर17 hours ago

छत्तीसगढ़ : रायपुर मेडिकल कॉलेज के अधीन होगा DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर : राजधानी रायपुर का DKS अस्पताल अब रायपुर मेडिकल कॉलेज के अधीन होगा। मेडिकल कॉलेज के डीन ही DKS...

CORONA VIRUS17 hours ago

छत्तीसगढ़ : दुर्ग में आज कोरोना से एक मौत और 9 नए केस, प्रदेश में कुल 37 नए मामले, 27 स्वस्थ : देखिए जिलेवार आंकड़ा

रायपुर : छत्तीसगढ़ मे आज 37 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार बीते...

Advertisement

CONNECT WITH US :

Top 10 News

Must Read

Special News20 hours ago

CG : CM ने इको लर्निंग सेंटर दुधावा और इको पर्यटन स्थल कोडार का किया लोकार्पण, सैलानियों को आकर्षित करेगा कुदरत का नजारा

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने के लिए उत्तर बस्तर कांकेर में दुधावा डेम पर...

Special News22 hours ago

CG : सिटी बसों का किराया 25% तक बढ़ाया गया, त्रैमासिक कर में 1 जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट ; जानिए कैबिनेट के अहम फैसले

रायपुर : सीएम निवास में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।  सिटी बसों का किराया...

Special News2 days ago

छत्तीसगढ़ में धूम मचा रही गोबर से बनी चप्पल, जानिए कीमत से लेकर इसकी खासियत

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गोबर की चप्पल इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. गोकुल नगर...

Special News3 days ago

किसान सम्मेलन और सम्मान समारोह के आयोजन में शामिल हुए CM, परिस्थितियाँ चाहें जैसी भी हों किसानों को खुशहाल बनाने के फैसले पर अडिग रहेंगे : बघेल

किसान सम्मेलन और सम्मान समारोह के आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील कृषकों, कृषि से जुड़े स्व-सहायता समूहों...

Tech Gyan3 days ago

प्रीपेड यूजर्स के बाद अब पोस्टपेड ग्राहकों को झटका देने की तैयारी, 20 से 25 फीसदी तक महंगा हो सकता है प्लान

National Desk : दूरसंचार कंपिनयां प्रीपेड के बाद अब जल्द ही प्रोस्पेड ग्राहकों को झटका दे सकती है। सूत्रों के...

Advertisement

Trending