Monday, February 26, 2024

पूर्व मंत्री लखमा, भगत, पूर्व सीएस समेत 100 से अधिक लोगों पर FIR, जानें पर्दे के पीछे की पूरी कहानी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोयला और शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 100 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज कराई है। राज्य में नई सरकार बनने के बाद ये अब तक की सबसे बड़ी एफआईआर है। इसमें प्रभावशाली अधिकारियों से लेकर दो पूर्व मंत्रियों व पूर्व विधायकों के भी नाम दर्ज है। वहीं कांग्रेस इसे बदले की कार्रवाई बता रही है। उसका आरोप है कि लोकसभा चुनाव से पहले उसके नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने ऐसा किया जा रहा है। जबकि जांच एजेंसी ने FIR दर्ज करने पहले ही एसीबी-ईओडब्ल्यू को आवेदन दिया था। लेकिन पूर्ववर्ती सरकार के दबाव में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। अब जबकि राज्य में भाजपा की सरकार आने पर एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने आखिरकार केस दर्ज कर ली है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कोयला घोटाला मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। एसीबी को डर था कि मामले में कोर्ट की ओर से फटकार पड़ सकती है, इसलिए आनन फानन में एफआईआर दर्ज की है। जिसकी जानकारी ईडी ने अदालत में दी।

एसीबी-ईओडब्ल्यू ने यह एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के डिप्टी डॉयरेक्टर संदीप आहुजा के आवेदन के आधार पर दर्ज की है। दोनों एफआईआर 17 जनवरी 2024 को दर्ज की गई है।

कैसे दर्ज हुई FIR

बताया जा रहा है कि इन दोनों मामलों में FIR दर्ज करने के लिए ईडी ने मार्च 2023 में एसीबी-ईओडब्ल्यू को आवेदन दिया था। लेकिन तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, ऐसे में उस समय एफआईआर दर्ज नहीं की गई, लेकिन अब सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार की एजेंसी ने इन मामलें में एफआईआर दर्ज कर लिया है। दोनों मामलों में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

हाईकोर्ट में निराकृत हुई कोयला घोटाला मामला

ईडी ने 2161 करोड़ के कोयला घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उसने पूरे घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा कराने की मांग उठाई थी। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि उसने कई लोगों के खिलाफ इसमें एफआईआर दर्ज कर ली है। तब कोर्ट ने कहा कि क्योंकि आप मामले में एफआईआर दर्ज कर चुके है और आपकी तरफ से जांच भी की जा रही है, ऐसे में आप ही इस घोटाले की आगे भी जांच करें। इतना कहकर अदालत ने मामले को निराकृत कर दिया। दरअसल, एसीबी को डर था कि मामले में उसे हाईकोर्ट की ओर से फटकार पड़ सकती है, इसलिए आनन फानन में एफआईआर दर्ज की गई है, क्योंकि ईडी ने पिछले साल एसीबी को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। वहीं बात करें शराब घोटाले की तो उसकी सुनवाई हाईकोर्ट में 5 फरवरी को होगी।

जेल में हैं दोनों मामलों के कई आरोपी

बता दें कि दोनों मामलों की जांच ईडी पहले से कर रही है। कोयला और शराब घोटाला में करीब दर्जनभर लोग अभी जेल में हैं। इनमें आईएएस अफसर और कारोबारी शामिल हैं। इनमें से कुछ एक साल से जेल में हैं।

नोएडा में भी दर्ज है एक एफआईआर

शराब घोटाला में नोएडा में भी एक एफआईआर दर्ज है। यह एफआईआर ईडी की ही शिकायत पर नोएडा पुलिस ने दर्ज किया था। इसमें आबकारी विभाग के सचिव व विशेष सचिव समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह एफआईआर नोएडा के कसाना थाना में आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 473 और 120 बी के तहत दर्ज किया गया है।

इस एफआईआर में ईडी की तरफ से नोएडा की कसाना पुलिस को बताया गया है कि ईडी की तरफ से छत्तीसगढ़ में शराब घोटला की जांच की जा रही है। इस जांच में ईडी को यह पता चला है कि नोएडा स्थित मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को नियम विरुध्द तरीके से टेंडर दिया गया था, जबकि कंपनी टेंडर में शामिल होने के लिए पात्र ही नहीं थी। इसके बावजूद कंपनी ने छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग के अफसरों के साथ मिलकर टेंडर हासिल कर लिया। आरोप है कि छत्तीसगढ़ के अफसरों ने इस मामले में आठ पैसा प्रति होलोग्राम कमीशन लिया। एफआईआर में होलोग्राफी कंपनी के एमडी विदु गुप्ता का भी नाम है।

शराब घोटाले में इन आरोपियों पर नामजद FIR दर्ज 

1. अनिल टुटेजा, तत्कालीन संयुक्त सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छ.ग. शासन 2. अनवर ढेबर 3. अरूणपति त्रिपाठी, प्रबंध संचालक, छ.ग. स्टेट मार्केटिंग कार्पो. लिमि. 4. मेसर्स रतनप्रिया मीडिया प्राईवेट लिमिटेड 5. कवासी लकमा, तत्कालीन आबकारी मंत्री 6. निरंजनदास, आईएएस., तत्कालीन आबकारी आयुक्त 7. जनार्दन कौरव, तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी, 8. अनिमेष नेताम, तत्कालीन उपायुक्त आबकारी, 9.विजय सेन शर्मा, तत्कालीन उपायुक्त आबकारी

10. अरविंद कुमार पटले, तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी, 11. प्रमोद कुमार नेताम, तत्कालीन सहायक कमिशनर, आबकारी 12. रामकृष्ण मिश्रा, तत्कालीन सहायक आयुक्त, आबकारी 13. विकास कुमार गोस्वामी, तत्कालीन सहायक आयुक्त, आबकारी 14. इकबाल खान, तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी 15. नीतिन खंडुजा, तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी

16. नवीन प्रताप सिंह तोमर, तत्कालीन सहायक आयुक्त, आबकारी,17. मंजुश्री कसेर, तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी,18. सौरभ बख्शी, तत्कालीन सहायक आयुक्त,19. दिनकर वासनिक, तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी, 20. आशीष श्रीवास्तव, तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त, आबकारी, 21. अशोक कुमार सिंह, तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी, 22. मोहित कुमार जायसवाल, जिला आबकारी अधिकारी, 23. नीतू नोतानी, उपायुक्त

24. रविश तिवारी, तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी 25.गरीबपाल दर्दी, आबकारी अधिकारी,26.नोहर सिंह ठाकुर, आबकारी अधिकारी, 27. सोनल नेताम, सहायक आयुक्त, आबकारी विभाग 28. अरविंद सिंह, 29.अनुराग द्विवेदी, मेसर्स अनुराग ट्रेडर्स 30. अमित सिंह मेसर्स अदीप एग्रोटेक प्राईवेट लिमीटेड 31. नवनीत गुप्ता 32.पिंकी सिंह, प्रोप्राईटर अदिप एम्पायर्स 33.विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू 34.त्रिलोक सिंह, ढिल्लन, मेसर्स ढिल्लन सिटी मॉल प्राईवेट लिमिटेड

35. यश टुटेजा, निवासी कटोरा तालाब रायपुर 36. नितेश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर 37.यश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर 38. अभिषेक सिंह, डायरेक्टर मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमिटेड 39. मनीष मिश्रा, मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड 40. संजय कुमार मिश्रा, सी.ए. मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमिटेड

41. अतुल कुमार सिंह श्री ओम साईं, बेवरेजेस प्राईवेट लिमिटेड 42. मुकेश मनचंदा, श्री ओम साईं, बेवरेजेस प्राईवेट लिमिटेड 43. विजय भाटिया, भिलाई 44. अशीष सौरभ केडिया, मेसर्स दिशिता वेंचर्स प्राईवेट लिमिटेड 45. मेसर्स छ.ग. डिस्टलरीस प्राईवेट लिमिटेड

46. मेसर्स भाटिया वाईन एवं मर्चेंटस प्राईवेट लिमिटेड 47. मेसर्स वेलकम डिस्टलरीस 48. सिद्धार्थ सिंघानिया, मेसर्स सुमीत फैसलिटीस लिमिटेड एवं टॉप सिक्योरिटीस फैसलिटी 49. बच्चा राज लोहिया मेसर्स इगल हंटर सॉल्युशन लिमिटेड एवं पार्टनर 50. मेसर्स अलर्ट कमाण्डों प्राईवेट लिमिटेड एवं पार्टनर

51. अमित मित्तल, मेसर्स ए टू जेड प्राईवेट लिमिटेड एवं सहयोगी 52. उदयराव मेसर्स ए टू जेड प्राईवेट लिमिटेड का मैनेजर 53. मेसर्स प्राईम वन वर्क फोर्स 54. लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल निवासी भिलाई 55. विधु गुप्ता, प्रीज्म होलोग्राफी एवं सिक्योरिटीस प्राई लिमिटेड 56. दीपक दुआरी 57. दिपेन चावड़ा 58. मेसर्स प्राईम डेव्हलपर्स 59. मेसर्स ए ढेबर बिल्डकॉन 60. मेसर्स ए.जे.एस. एग्रोट्रेड प्राईवेट लिमिटेड

61. सफायर इस्पात के मालिक उमेर ढेबर एवं जुनैद ढेबर 62. अख्तर ढेबर 63. मेसर्स जगदम्बा इंटरप्राईजेस 64. अशोक सिंह 65. सुमीत मलो 66. रवि बजाज 67. विवेक ढांढ, निवासी- जी. ई. रोड रायपुर 68. अज्ञात कांग्रेस के पदाधिकारीगण 69. अन्य आबकारी अधिकारीगण 70.  विकास अग्रवाल के साथीगण 71. एवं अन्य

कोयला घोटाले में इन 35 आरोपियों पर नामजद FIR दर्ज 

1. सौम्या चौरसिया, तत्कालीन उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, छ.ग. शासन 2. समीर बिश्नोई, आई.ए.एस.. तत्कालीन निदेशक भू-विज्ञान एवं खनिज 3. रानू साहू, आई.ए.एस. तत्कालीन कलेक्टर कोरबा 4. संदीप कुमार नायक, सहायक खनिज अधिकारी 5. शिवशंकर नाग खनिज अधिकारी 6. सूर्यकांत तिवारी 7. मनीष उणध्याय 8. रौशन कुमार सिंह 9. निखिल चंद्राकर 10. राहुल सिंह 11. पारेख कुर्रे 12. मोईनुद्दीन कुरैशी 13. विरेन्द्र जायसवाल 14. रजनीकांत तिवारी 15. हेमंत जायसवाल 16. जोगिन्दर सिंह 17. नवनीत तिवारी 18. दिपेश टांक 19. देवेन्द्र डडसेना 20. राहुल मिश्रा 21. रामगोपाल अग्रवाल, तत्कालीन कोषाध्यक्ष, छ.ग. कांग्रेस पार्टी 22. देवेन्द्र सिंह यादव, तत्कालीन विधायक, भिलाई नगर

23. शिशुपाल सोरी, तत्कालीन विधायक, कांकेर 24. रामप्रताप सिंह, तत्कालीन प्रवक्ता, कांग्रेस 25. विनोद तिवारी, तत्कालीन पी.ई.पी., 26. अमरजीत भगत, तत्कालीन विधायक, सीतापुर 27. चंद्रदेव प्रसाद राय, तत्कालीन विधायक, बिलईगढ़ 28. बृहस्पत सिंह, तत्कालीन विधायक, रामानुजगंज 29. इदरिश गांधी, पी.ई.पी. 30. गुलाब कमरो, तत्कालीन विधायक, भरतपुर सोनहत 31. यूडी मिंज, तत्कालीन विधायक, कुनकुरी 32. सुनील कुमार अग्रवाल, इंद्रमणी ग्रुप निवासी रायपुर 33. जय, सूर्यकांत का साथी 34. चंद्रप्रकाश जायसवाल, निवासी कोरबा 35. लक्ष्मीकांत तिवारी एवं अन्य।

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