Connect with us

Festival & Fastings

Mahashivratri 2021 : महाशिवरात्रि का रख रहे व्रत तो जान लें महादेव की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

Published

on

Share This Now :

Mahashivratri 2021 Subh Muhurat, Vrat Katha and Puja Vidhi: आज 11 मार्च को महाशिवरात्रि है। शिवभक्तों के लिए महाशिवरात्रि का दिन खास होता है। महाशिवरात्रि के दिन शिवभक्त घर और मंदिरों में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। आज के दिन महादेव की पूजा में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कहा जाता है कि प्रदोष काल या शुभ मुहूर्त में पूजा करने से पूजा का फल कई गुना मिलता है। जानिए महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा का शुभ मुहूर्त, शिव पुराण में वर्णित शिवरात्रि व्रत कथा और पूजा विधि-

3- 13 sep 2022
4 - 13 sep 2022
1 -13 sep 22
2 - 13 sep 22

महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त-

शिवयोग– सुबह 09 बजकर 24 मिनट तक
सिद्ध योग- 09 बजकर 24 मिनट के बाद सिद्ध योग लगेगा।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 08 म‍िनट से 12 बजकर 55 म‍िनट तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 17 मिनट तक।
गोधूलि बेला- शाम 6 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 39 मिनट तक।
निशीथ काल- रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 55 म‍िनट तक।
अमृत काल- सुबह 11 बजे से रात के 12 बजकर 42 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त- 12 मार्च की सुबह 4 बजकर 57 मिनट से 5 बजकर 46 मिनट तक।
महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त: 12 मार्च को 06:36:06 से 15:04:32 तक।

महाशिवरात्रि व्रत पूजा विधि-

1. मिट्टी या तांबे के लोटे में पानी या दूध भरकर ऊपर से बेलपत्र, आक-धतूरे के फूल, चावल आदि जालकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।

2. महाशिवरात्रि के दिन शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। साथ ही महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।

3. शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि का पूजा निशील काल में करना उत्तम माना गया है। हालांकि भक्त अपनी सुविधानुसार भी भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि व्रत कथा-

शिव पुराण के अनुसार, प्राचीन काल में चित्रभानु नामक एक शिकारी था। जानवरों की हत्या करके वह अपने परिवार को पालता था। वह एक साहूकार का कर्जदार था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधित साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि थी। साहूकार के घर पूजा हो रही थी तो शिकारी ध्यानमग्न होकर शिव-संबंधी धार्मिक बातें सुनता रहा। चतुर्दशी को उसने शिवरात्रि व्रत की कथा भी सुनी।

शाम होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के विषय में बात की। शिकारी अगले दिन सारा ऋण लौटा देने का वचन देकर बंधन से छूट गया। अपनी दिनचर्या की भांति वह जंगल में शिकार के लिए निकला। लेकिन दिनभर बंदी गृह में रहने के कारण भूख-प्यास से व्याकुल था। शिकार खोजता हुआ वह बहुत दूर निकल गया। जब अंधेरा गया तो उसने विचार किया कि रात जंगल में ही बितानी पड़ेगी। वह वन एक तालाब के किनारे एक बेल के पेड़ पर चढ़ कर रात बीतने का इंतजार करने लगा।

बिल्व वृक्ष के नीचे शिवलिंग था जो बिल्वपत्रों से ढंका हुआ था। शिकारी को उसका पता न चला। पड़ाव बनाते समय उसने जो टहनियां तोड़ीं, वे संयोग से शिवलिंग पर गिरती चली गई। इस प्रकार दिनभर भूखे-प्यासे शिकारी का व्रत भी हो गया और शिवलिंग पर बिल्वपत्र भी चढ़ गए। एक पहर रात्रि बीत जाने पर एक गर्भिणी हिरणी तालाब पर पानी पीने पहुंची।

शिकारी ने धनुष पर तीर चढ़ाकर ज्यों ही प्रत्यंचा खींची, हिरणी बोली, ‘मैं गर्भिणी हूँ। शीघ्र ही प्रसव करूंगी। तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे, जो ठीक नहीं है। मैं बच्चे को जन्म देकर शीघ्र ही तुम्हारे समक्ष प्रस्तुत हो जाऊंगी, तब मार लेना।’

शिकारी ने प्रत्यंचा ढीली कर दी और हिरणी जंगली झाड़ियों में लुप्त हो गई। प्रत्यंचा चढ़ाने तथा ढीली करने के वक्त कुछ बिल्व पत्र अनायास ही टूट कर शिवलिंग पर गिर गए। इस प्रकार उससे अनजाने में ही प्रथम प्रहर का पूजन भी सम्पन्न हो गया।

कुछ ही देर बाद एक और हिरणी उधर से निकली। शिकारी की प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। समीप आने पर उसने धनुष पर बाण चढ़ाया। तब उसे देख हिरणी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया, ‘हे शिकारी! मैं थोड़ी देर पहले ऋतु से निवृत्त हुई हूं। कामातुर विरहिणी हूं। अपने प्रिय की खोज में भटक रही हूं। मैं अपने पति से मिलकर शीघ्र ही तुम्हारे पास आ जाऊंगी।’

शिकारी ने उसे भी जाने दिया। दो बार शिकार को खोकर उसका माथा ठनका। वह चिंता में पड़ गया। रात्रि का आखिरी पहर बीत रहा था। इस बार भी धनुष से लग कर कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर जा गिरे तथा दूसरे प्रहर की पूजन भी सम्पन्न हो गई।

तभी एक अन्य हिरणी अपने बच्चों के साथ उधर से निकली। शिकारी के लिए यह स्वर्णिम अवसर था। उसने धनुष पर तीर चढ़ाने में देर नहीं लगाई। वह तीर छोड़ने ही वाला था कि हिरणी बोली, ‘हे शिकारी!’ मैं इन बच्चों को इनके पिता के हवाले करके लौट आऊंगी। इस समय मुझे मत मारो।

शिकारी हंसा और बोला, सामने आए शिकार को छोड़ दूं, मैं ऐसा मूर्ख नहीं। इससे पहले मैं दो बार अपना शिकार खो चुका हूं। मेरे बच्चे भूख-प्यास से व्यग्र हो रहे होंगे। उत्तर में हिरणी ने फिर कहा, जैसे तुम्हें अपने बच्चों की ममता सता रही है, ठीक वैसे ही मुझे भी। हे शिकारी! मेरा विश्वास करों, मैं इन्हें इनके पिता के पास छोड़कर तुरंत लौटने की प्रतिज्ञा करती हूं।

हिरणी का दीन स्वर सुनकर शिकारी को उस पर दया आ गई। उसने उस मृगी को भी जाने दिया। शिकार के अभाव में तथा भूख-प्यास से व्याकुल शिकारी अनजाने में ही बेल-वृक्ष पर बैठा बेलपत्र तोड़-तोड़कर नीचे फेंकता जा रहा था। पौ फटने को हुई तो एक हृष्ट-पुष्ट मृग उसी रास्ते पर आया। शिकारी ने सोच लिया कि इसका शिकार वह अवश्य करेगा।

शिकारी की तनी प्रत्यंचा देखकर मृग विनीत स्वर में बोला, हे शिकारी! यदि तुमने मुझसे पूर्व आने वाली तीन मृगियों तथा छोटे-छोटे बच्चों को मार डाला है, तो मुझे भी मारने में विलंब न करो, ताकि मुझे उनके वियोग में एक क्षण भी दुख न सहना पड़े। मैं उन हिरणियों का पति हूं। यदि तुमने उन्हें जीवनदान दिया है तो मुझे भी कुछ क्षण का जीवन देने की कृपा करो। मैं उनसे मिलकर तुम्हारे समक्ष उपस्थित हो जाऊंगा।

मृग की बात सुनते ही शिकारी के सामने पूरी रात का घटनाचक्र घूम गया, उसने सारी कथा मृग को सुना दी। तब मृग ने कहा, ‘मेरी तीनों पत्नियां जिस प्रकार प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएंगी। अतः जैसे तुमने उन्हें विश्वासपात्र मानकर छोड़ा है, वैसे ही मुझे भी जाने दो। मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूं।’

शिकारी ने उसे भी जाने दिया। इस प्रकार प्रात: हो आई। उपवास, रात्रि-जागरण तथा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ने से अनजाने में ही पर शिवरात्रि की पूजा पूर्ण हो गई। पर अनजाने में ही की हुई पूजन का परिणाम उसे तत्काल मिला। शिकारी का हिंसक हृदय निर्मल हो गया। उसमें भगवद्शक्ति का वास हो गया।

थोड़ी ही देर बाद वह मृग सपरिवार शिकारी के समक्ष उपस्थित हो गया, ताकि वह उनका शिकार कर सके।, किंतु जंगली पशुओं की ऐसी सत्यता, सात्विकता एवं सामूहिक प्रेमभावना देखकर शिकारी को बड़ी ग्लानि हुई। उसने मृग परिवार को जीवनदान दे दिया।

अनजाने में शिवरात्रि के व्रत का पालन करने पर भी शिकारी को मोक्ष की प्राप्ति हुई। जब मृत्यु काल में यमदूत उसके जीव को ले जाने आए तो शिवगणों ने उन्हें वापस भेज दिया तथा शिकारी को शिवलोक ले गए। शिव जी की कृपा से ही अपने इस जन्म में राजा चित्रभानु अपने पिछले जन्म को याद रख पाए तथा महाशिवरात्रि के महत्व को जान कर उसका अगले जन्म में भी पालन कर पाए।

Share This Now :

Festival & Fastings

तिजहारिन माता-बहनों का मायका बना सीएम हाउस, पारंपरिक छत्तीसगढ़िया अंदाज में मना रहे उत्सव ; बड़ी संख्या में महिला पत्रकार भी हुईं शामिल

Published

on

Share This Now :

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तीजा पोरा त्यौहार की शुरुआत हो चुकी है। यह त्योहार लगातार तीन दिनों तक चलेगा। बहन-बेटियां तीजा का त्यौहार मनाने के लिए अपने मायके का रुख कर रही हैं। माता, बहनों-बेटियों के स्वागत के लिए आज मुख्यमंत्री निवास में भी आकर्षक साज-सज्जा की गई है। पूरे प्रदेश से माताएं बहनें तीजा का उत्सव मनाने के लिए मुख्यमंत्री निवास में एकत्र हो रही हैं। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का घर तिजहारिनों का मायका बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज त्यौहार छत्तीसगढ़ की पहचान है। हम मिलजुलकर मनाते हैं, मुख्यमंत्री निवास में हर वर्ष आयोजन करते है। हमने हरेली, तीजा त्यौहार में शासकीय अवकाश दिया है। आज भगवान शिव नदिया बैला की पूजा की ओर अच्छे फसल की कामना की।

3- 13 sep 2022
4 - 13 sep 2022
1 -13 sep 22
2 - 13 sep 22

तीज त्योहार के मौके पर मायके आने वाली बहन-बेटियों के चेहरे पर खुशी और संतोष की जो मुस्कान नजर आती है, वही मुस्कान यहां हर महिला के चेहरे पर नजर आ रही है।

साज-सज्जा में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

तीजा-पोरा तिहार के लिए पूरे मुख्यमंत्री निवास की पारम्परिक रूप में भव्य सजावट की गई है। मुख्य मंडप में प्रवेश के तीन द्वार बनाए गए हैं। मुख्य द्वार को पोरा पर्व के प्रतीक पारंपरिक नांदिया बैला से सजाया गया है। मुख्य द्वार के सामने पारम्परिक झूले-रईचुली, बैलगाड़ी, बस्तर जनजातीय आर्ट और छत्तीसगढ़ी जन-जीवन से जुड़े चित्रों का प्रदर्शन किया गया है। मध्य द्वार को पोरा पर्व से जुड़े पारम्परिक बर्तनों से बनाया गया है। मध्य और तीसरे द्वार के बीच की गैलरी को रंग-बिरंगे मटकों और रंगीन टोकनी के द्वारा आकर्षक कलेवर दिया गया है। तीसरे द्वार की सजावट पर सरगुजा अंचल की संस्कृति की छाप है।

ग्रामीण परिवेश की झलक और खूबसूरत सेल्फी जोन

मुख्य मंडल के पूर्वी हिस्से में छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश को दर्शाते एक मिट्टी का घर बना है। इसकी साज-सज्जा में पोरा से जुड़े विभिन्न प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है। घर के द्वार पर तुलसी चौरा और नन्दी बनाए गए हैं। यहां ग्रामीण जीवन मे उपयोग में आने वाले बर्तन व अन्य वस्तुओं जैसे पोरा, कढ़ाही, सुराही, बेलन-चौकी, ढकना, बाल्टी, चूल्हा आदि के मिट्टी के छोटे प्रतीकों सहित लकड़ी के नागर, बैलगाड़ी का चक्का और झाड़ू रखे हैं। इस घर की खिड़की में भी सेल्फी ज़ोन बनाया गया है। घर के बगल में मंदिर बना है जहां रखे शिवलिंग की मुख्यमंत्री सहित वहां मौजूद महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।

हाथों में मेहंदी, पैर में माहुर और चेहरे पर मुस्कान

मुख्यमंत्री निवास में माताओं बहनों ने यहां हाथों में मेहंदी सजाई और पैर में माहूर लगाया। यह माना जाता है जब बेटी अपने मायके आती है तो वह कुछ इसी तरह साज श्रृंगार कर तीजा के त्यौहार में शामिल होती है। इस दौरान उनके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान खिली नजर आ रही थी जो इस पूरे माहौल को और भी खूबसूरत बना रही थी।

भगवान शिव और नंदी बैल की पूजा

त्यौहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को तिजहारिन महिलाओं का मायका बना दिया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने महिला सांसदों-विधायकों और पूरे प्रदेश से आई माताओं बहनों के साथ भगवान शिव, नंदी बैल और चुकिया-पोरा की पूजा की और प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की।

फुगड़ी-कबड्डी और जलेबी दौड़ का उत्साह

तीजा-पोरा तिहार के मंडप में महिलाओं के बीच फुगड़ी जैसी प्रतियोगिताएं भी हुईं। इसमें महिलाओं के कई समूहों ने हिस्सा लिया। चम्मच दौड़, जलेबी दौड़, बोरा दौड़ की प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों के साथ दर्शकों को भी खूब हंसाया।

बड़ी संख्या में महिला पत्रकार भी हुईं शामिल

मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित तीजा- पोरा उत्सव में बड़ी संख्या में प्रदेश की महिला पत्रकार भी शामिल हुईं। महिला पत्रकारों ने इस मौके पर उत्सव का आनंद लिया और कार्यक्रम की सराहना की।

महिला पत्रकारों ने कहा कि वास्तव में मुख्यमंत्री निवास का माहौल आज ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे राज्य भर की बहुत सारी बहन- बेटियां अपने मायके में पधारी हों। उत्सव के दौरान महिलाओं के लिए दी गई व्यवस्थाओं की महिला पत्रकारों में सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और रीति रिवाज के अनुरूप यहां सारी तैयारियां की गई हैं। तीजा उपवास के पहले दिन खाया जाने वाला कड़ू भात की भी व्यवस्था आयोजन के दौरान की गई थी।

रचना नितेश, अंकिता शर्मा, मोनिका दुबे, दामिनी बंजारे, खुशबू ठाकरे, निधि ठाकुर, निधि प्रसाद, रजनी ठाकुर, आकांशा तिवारी, आकांक्षा दुबे, अम्बिका मिश्र, तज़ीन नाज़, निशा द्विवेदी, रचना नितेश, अमृता शर्मा, रजनी पांडे, मोनिका, नेहा श्रीवास्तव, नेहा केसरवानी, शिवानी बर्मन कोमल धनेसर, दामिनी बंजारे, खुशबू ठाकरे सहित निधि सहित अन्य महिला पत्रकारों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर उत्सव की शोभा बढ़ाई।

Share This Now :
Continue Reading

Festival & Fastings

तीज-पोला त्यौहार : महिलाओं के स्वागत के लिए तैयार है सीएम हाउस ; CM की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल बना रहीं पकवान ; गृहमंत्री अमित शाह को आमंत्रण

Published

on

Share This Now :

रायपुर : छत्तीसगढ़ में तीज, त्यौहारों की एक समृद्ध परम्परा है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के सरंक्षण और संर्वधन के लिए प्रदेश में हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस के दिन न केवल सार्वजनिक अवकाश की शुरूआत की है, बल्कि इन लोक पर्वों के महत्व से आने वाली पीढ़ी को जोड़ने के लिए इन्हें जन सहभागिता से पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। स्थानीय त्यौहारों को जन सहभागिता के जोड़कर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति का संवर्धन एवं संरक्षण करने का प्रयास किया जा रहा है।

3- 13 sep 2022
4 - 13 sep 2022
1 -13 sep 22
2 - 13 sep 22

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहार पोला एवं तीज को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। हरेली पर्व की तरह ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर इन दोनों पारम्परिक त्यौहारों को व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा।

प्रदेश में इन त्योहारों में किसान अपने बैलों की पूजा करते हैं। महिलाएं तीजा का उपवास करती हैं एवं मायके जाती हैं। छत्तीसगढ़ के इन सबसे मशहूर त्योहारों में पारंपरिक पकवानों बनाए जाते है।

इसी कड़ी में रायपुर के मुख्यमंत्री निवास में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल प्रदेश में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाला व्यंजन खुरमी बना रही है। इसे शक्कर पारे के तौर पर भी देशभर में जाना जाता है। मैदे से तैयार होने वाले कुरकुरे स्नैक्स फ्लेवर हल्के मीठे होते हैं। खुद मुख्यमंत्री ने पत्नी की किचन में काम करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।

हर साल श्रीमती जी को लगन से पकवान अपने हाथों से बनाते देखा : सीएम बघेल 

मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा – तीजा-पोला की तैयारी। श्रीमती जी ने ठेठरी, खुरमी और चूरमा जैसे पारंपरिक पकवान तैयार कर दिए हैं। शादी के बाद से ही मैंने उन्हें हर तीज त्योहार पर इतनी ही लगन से पकवान अपने हाथों से बनाते देखा है।

गृहमंत्री अमित शाह को तीज-पोला त्यौहार के लिए सीएम बघेल ने किया आमंत्रित

गृहमंत्री अमित शाह को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीज-पोला त्यौहार के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का अनुभव करने के लिए मुख्यमंत्री निवास में आमंत्रित किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा – कल केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी रायपुर में NIA कार्यालय का उद्घाटन करने आ रहे हैं। कल ही छत्तीसगढ़ में हम सब तीज-पोला का त्यौहार मनाने जा रहे हैं। मैंने श्री अमित शाह जी को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का अनुभव करने के लिए मुख्यमंत्री निवास में आमंत्रित किया है।

 

मुख्यमंत्री निवास में विशेष तैयारियां

पोला व तीज पर्व के लिए मुख्यमंत्री निवास में विशेष तैयारियां की गई हैं और तीज मना रही माताओं एवं बहनों की स्वागत के लिए ये पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की परम्परा और रीति रिवाज के अनुसार साज सज्जा की गई है। मुख्यमंत्री निवास में पहले  पोला पर्व का आयोजन होगा।

इस मौके पर नंदी बैल की पूजा की जाएगी, इसी के साथ ही यहां पर तीजा महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। तीजा महोत्सव के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों से तीजहारिन माताओं एवं बहनों को मुख्यमंत्री निवास के लिए आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर बहनों द्वारा करूभात खाने की रस्म पूरी की जाएगी और छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों का आयोजन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ का पोरा तिहार मूल रूप से खेती किसानी से जुड़ा पर्व है। खेती किसानी में बैल और गौवंशी पशुओं के महत्व को देखते हुए इस दिन उनके प्रति आभार प्रकट करने की परंपरा है। छत्तीसगढ़ के गांवों में इस पर्व में बैलों को विशेष रूप से सजाया जाता है। उनकी पूजा की जाती है। इस मौके पर घरों में बच्चे मिट्टी से बने नंदी बैल और बर्तनों के खिलौनों से खेलते हैं। घरों में ठेठरी, खुरमी, गुड़चीला, गुलगुला, भजिया जैसे पकवान तैयार किए जाते हैं और उत्सव मनाया जाता है। इस पर्व के अवसर पर बैलों की दौड़ भी आयोजित की जाती है।

छत्तीसगढ़ में तीजा (हरतालिका तीज) की विशिष्ट परम्परा है, तीजहारिन महिलाएं तीजा मनाने ससुराल से मायके आती हैं। तीजा मनाने के लिए बेटियों को पिता या भाई ससुराल से लिवाकर लाते है। छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व की इतना अधिक महत्व है कि बुजुर्ग महिलाएं भी इस खास मौके पर मायके आने के लिए उत्सुक रहती हैं। महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए तीजा पर्व के एक दिन पहले करू भात ग्रहण कर निर्जला व्रत रखती हैं। तीजा के दिन बालू से शिव लिंग बनाया जाता है, फूलों का फुलेरा बनाकर साज-सज्जा की जाती है और महिलाएं भजन-कीर्तन कर पूरी रात जागकर शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं।

Share This Now :
Continue Reading

Festival & Fastings

CG : CM बघेल ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की ; कन्हैया बने छोटे बालक को हाथों से उठाया

Published

on

Share This Now :

दुर्ग : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कैम्प हाउस भिलाई-3 में परिजनों के साथ भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। कैम्प हाउस में जन्माष्टमी का पर्व उत्साह से मनाया गया।

3- 13 sep 2022
4 - 13 sep 2022
1 -13 sep 22
2 - 13 sep 22

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कन्हैया बने छोटे से बालक अर्थव को अपने हाथों से उठा लिया और इस गोविंदा ने अपने नाना जी के सहयोग से दही की हांडी फोड़ी। अर्थव ने कन्हैया की लीला भी इस मौके पर प्रस्तुत की। इस अवसर पर गोकुल जैसा नजारा कैम्प हाउस स्थित मुख्यमंत्री निवास में दिखा।

Share This Now :
Continue Reading

RO-NO-12141/77

RO-NO-12111/80





RO-NO-12078/75

Advertisement

Advertisement

Advertisement Sahni Amritsari Kulche

Chhattisgarh Trending News

क्राइम13 hours ago

लाखों की लकड़ी जब्त, पिकअप वाहन के साथ 4 तस्कर पकड़ाए

जशपुर 3 अक्टूबर 2022: जिले में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक वन अफसरों...

राज्य एवं शहर13 hours ago

छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 5 करोड़ से पार

रायपुर 3 अक्टूबर 2022: छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा पांच करोड़ को पार कर गया है। कोविड-19 से बचाव...

क्राइम13 hours ago

डबल मर्डर से सनसनी: पति की घर में और पत्नी ,बच्चे का जंगल में मिला शव, पेड़ में टांग दिए लाश

अंबिकापुर 3 अक्टूबर 2022: सरगुजा में पति-पत्नी का संदिग्ध हालत में शव मिला है। वहीं गंभीर हालत में मिले उनके...

राज्य एवं शहर13 hours ago

CG स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला

रायपुर 3 अक्टूबर 2022: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर डॉक्टर्स का तबादला किया है। कई डॉक्टर्स इधर से...

राज्य एवं शहर13 hours ago

छत्तीसगढ़ को मिलेगी दो वंदे भारत ट्रेनें

बिलासपुर 3 अक्टूबर 2022: वंदे भारत ट्रेन के लिए बिलासपुर और छत्तीसगढ़ से लगे गोंदिया में कोचिंग डिपो का काम...

Advertisement

CONNECT WITH US :

राज्य एवं शहर4 days ago

कंट्री न्यूज़ टुडे आपको आज रुबरू करवा रहा है रायपुर निवासी क्ले आर्ट मास्टर आर्यन माट्टा जिनकी उम्र महज 14 वर्ष है पर उन्होंने इस छोटी उम्र में भी कलाकृति की बड़ी बुलंदियों को प्राप्त करने मे सफलता पाई है।

क्राइम7 days ago

CG कवर्धा में दो डिप्टी रेंजर गिरफ्तार : कार्रवाई के नाम पर मांग रहे थे 50 हजार रुपए

राज्य एवं शहर7 days ago

पर्यटन मंडल के होटलों में बिकेगी शराब:छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने दी मंजूरी

राजनीति7 days ago

CM बघेल का बड़ा बयान, कहा – जल्द सुलझ जाएगा विवाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कही ये बात

ज्योतिष6 days ago

Horoscope Today 28 September: आज इन राशियों पर होने जा रही है गणेश जी की कृपा, जानें बुधवार का राशिफल

Country News Today Exclusive1 month ago

MLNC Enactus के प्रोजेक्ट ‘स्नेह’ द्वारा रियूजेबल कपड़े के डायपर उत्पादन से पर्यावरण बचाव के साथ-साथ मिला रहा रोजगार ; जानिए क्या है खासियत?

क्राइम1 month ago

शर्मनाक : रायपुर में नाबालिग ने की अमानवीयता की सारे हदें पार, 5 कुत्तों के ऊपर फेंका एसिड, 2 की मौत, वीडियो आया सामने

क्राइम1 month ago

CG BREAKING : रायपुर के तेलीबांधा तालाब में कूदकर आत्महत्या करने वाले युवक की लाश बरामद ; देखिए वीडियो

बॉलीवुड तड़का - Entertainment2 months ago

MMS Scandal : एमएमएस लीक कांड पर कच्चा बादाम फेम अंजली अरोरा की तीखी प्रतिक्रिया, अभद्र भाषा इस्तेमाल करते हुए कह डाली ये बात : देखिए वीडियो

राज्य एवं शहर2 months ago

CG : दुर्ग में शिवनाथ नदी खतरे के निशान से 15 फीट ऊपर, कई गांव डूबे, शहर में भी घुसा पानी, SDRF ने किया रेस्क्यू ; 4 साल पहले बना पुल धंसा : देखिए वीडियो

Top 10 News

Must Read

Special News14 hours ago

जियो लॉन्च कर रहा ‘जियोबुक’, महज 15,000 रुपए में मिलेगा यह 4G इनेबल्ड लैपटॉप

मुंबई 3 अक्टूबर 2022: रिलायंस कंपनी अब अपना लैपटॉप लॉन्च करने जा रही है। इस लैपटॉप खासियत यह है महज...

Special News2 days ago

आज से हो रहा है बिग बॉस 16 का आगाज, जानें कब और कहां देख सकेंगे BB 16

मुंबई 1 अक्टूबर 2022: सलमान खान के कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस के 16वें सीजन का आज से आगाज हो रहा...

Special News4 days ago

पेट दर्द के लिए हींग है कारगर, इन समस्याओं में भी आती है काम

Asafoetida Is Effective In These Problems – दाल में छोंक लगाना हो या मूली के पराठों का स्‍वाद बढ़ाना हो, हींग...

Special News4 days ago

Vikram Vedha Review: एक्शन, रोमांच से भरपूर परफेक्ट मसाला फिल्म है ‘विक्रम वेधा’

बॉलीवुड वर्सेज साउथ इंडस्ट्री कितनी भी ट्रेंड कर ले लेकिन कहानियों के मामले में एक दूसरे से इंस्पायर होते रहे...

Special News4 days ago

बिग बॉस 16 में होगी इस मशहूर कपल की एंट्री, सलमान खान संग करेंगे धमाका

टीवी के चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 16 (Bigg Boss 16) को लेकर दर्शकों के बीच बेहतरीन उत्साह देखने को...

Advertisement
Advertisement

Trending