Wednesday, February 8, 2023

छत्तीसगढ़ में ट्रक चोर गैंग का पर्दाफाश,करीब 5 करोड़ के 20 ट्रक जब्त,6 गिरफ्तार

रायपुर 21 नवम्बर 2022: रायपुर की खमतराई पुलिस ने सबसे बड़े ट्रक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। करीब 5 करोड़ रुपए के 20 ट्रक जब्त किए गए हैं। जांच में पता चला है कि दूसरे राज्यों से ट्रकों को चोरी कर या लीज पर लाया जाता था। फिर फर्जी कागजात बनाकर बेच दिया जाता था।

मऊ यूपी निवासी अनुज कुमार सिंह की शिकायत के बाद इस मामले का खुलासा हो पाया। पीड़ित ने थाना खमतराई में FIR दर्ज कराया। उसके मुताबिक 15 अक्टूबर को पटना बिहार का रहने वाला नागेंद्र कुमार सिन्हा ने अनुज सिंह से 80 हजार रुपए महीने में ट्रक किराये से लिया था।

14 नवम्बर को शेख मकसूद ने पीड़ित को फोन किया और कहा उसका ट्रक भनपुरी में स्थित ट्रक गैरेज के मालिक उपेंद्र शर्मा ने उसे बेचने के लिए दिखाया है। शेख मकसूद ने जब गैरेज के मालिक से ट्रक के कागजात मांगे तो वह आनाकानी करने लगा जिससे शेख ने ट्रक के चेचिस नंबर से वास्तविक ट्रक मालिक अनुज का नम्बर निकाल कर उससे संपर्क किया।

नंबर प्लेट भी चेंज

अनुज सिंह ने रायपुर पंहुच कर भनपुरी के ट्रक यार्ड में जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। टाटा कंपनी के UP रजिस्टर्ड ट्रक को डेंटिंग पेंटिंग कर उसका हुलिया बदल दिया गया था। साथ ही पीछे की ट्रॉली को भी आधा काटकर नंबर प्लेट भी चेंज कर दिया गया था। उसमें ट्रक के चक्के, केबिन और रेडियम जैसे चीजों से अपनी गाड़ी को पहचान लिया। यार्ड मालिक उपेंद्र शर्मा ने बताया कि उसने गाड़ी को अशोक अग्रवाल, सुब्बू काजी उर्फ सोनू खान से खरीदा है। फिर मामला थाने पहुंचा और पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस ने उपेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो परतें खुलती गईं। आरोपी अशोक अग्रवाल और सोनू खान अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की ट्रकों को लाते थे और फिर आरटीओ एजेंट की मिलीभगत से फर्जी पेपर तैयार करवाते थे। फिर ट्रकों का रजिस्ट्रेशन छत्तीसगढ़ करवा लेते।

दूसरे राज्यों के ट्रकों को छत्तीसगढ़ में पूर्व RTO एजेंट अशोक अग्रवाल के माध्यम से पेपर तैयार कर बेचा जाता। इस कारोबार में 6 चक्का से लेकर 14 चक्का तक के ट्रक को वो टारगेट बनाते थे। फिर उस ट्रक को कम दामों में स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को बेचकर लाभ कमाया जाता था। आरोपी इन ट्रकों को मुज्जफरपुर (बिहार),उत्तरप्रदेश के कई बड़े ट्रांसपोर्टरो और दलालों के माध्यम से खरीदते थे।

चेचिस नंबर बदल कर बेच देते थे

चोरी और लीज की इन ट्रकों के चेचिस नंबर को बदलने के लिए एक्सपर्ट लोगों की मदद ली जाती थी। ट्रक के बाहरी हुलिये को भी पूरी तरह बदल दिया जाता था। कई ट्रकों को नागालैंड,अरुणाचल,बिहार और UP के आरटीओ एजेंट के सहायता से फर्जी पेपर बनाकर भी बेचा गया।

पुलिस ने इस पूरे मामले में कई टीमें बनाकर दूसरे राज्यों में भी भेजी, जिसमें आरोपी मास्टरमाइंड सत्येंद्र सिंह(42) राजेश यदु(40) को भी पकड़ा गया। आरोपियों के बताए अनुसार अबतक 20 ट्रकों को जब्त किया गया है। जिसकी कीमत 5 करोड़ 20 लाख से भी अधिक है। इस मामले में एक अन्य प्रमुख आरोपी नागेंद्र सिन्हा फरार है।

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