Tuesday, March 5, 2024

छत्तीसगढ़ में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को क्यों बतानी पड़ी अपनी जाति? जानिए कारण

रायपुर। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छत्तीसगढ़ के रायपुर में हनुमंत कथा सुनाने पहुंचे हुए हैं। लेकिन यहां उन्हें लोगों को अपनी जाति बतानी पड़ी। आखिर उन्हें अपनी जाति क्यों बतानी पड़ी। यह लोगों के मन में बड़ा सवाल है। दरअसल, महाराज मंगलवार (23 जनवरी) को रायपुर पहुंचे। पहले दिन रायपुर के कोटा मैदान में श्रोताओं की भारी भीड़ रही है। उनसे मिलने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मिलने पहुचे। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को जशपुर आने का न्योता दिया है।

दूसरे दिन बुधवार को बागेश्वर धाम के महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने धर्म परिवर्तन के बाद लोगों की घर वापसी को सबसे आसान तरीका बताया। उन्होंने कहा कि समस्त लोग सनातनी धर्म अपनाए। वहीं परिवार के लोग, जिन्होंने धोखे से धर्मांतरण किया है, उन्हें वास्तविकता से अवगत कराया जाए। आदिवासी इलाके में धर्म परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम वहां भी जाएंगे। मिशनरी स्कूल के जरिये प्रभावित होकर धर्म परिवर्तन के सवाल पर कहा कि अंग्रेजी स्कूल में जाना चाहिए, लेकिन पालक अपने बच्चों को संस्कार सिखाएं। गीता रामायण की जानकारी दें।

एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि धर्म वापसी करने वाले किस जाति में आएंगे? जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म में रखेंगे। इससे बड़ा उपाय भारत को बचाने का नहीं है। पहला परिचय हिन्दू होना चाहिए। अगर कहीं आवश्यकता पड़े तो जाति बताना चाहिए। हमारी जाति शुक्ल है, हम कहते हैं कि हम कट्टर सनातनी है।

भारत में जाति जनगणना नहीं होनी चाहिए : धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर धाम के पीठाधीश ने जाति जनगणना के सवाल पर कहा कि भारत में जाति गणना नहीं होनी चाहिए। गरीब कितने है, ये गणना होनी चाहिए। 90 प्रतिशत लाने वाला घर पर बैठा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। जो वास्तविक परेशान हैं, गरीब हैं, उनकी गणना की जाए। जिनके पास मकान नहीं है, जिन्हें धर्म की शिक्षा नहीं मिल पा रही है, उनकी गणना करानी चाहिए। वास्तविक गरीब की गणना की जाए। जिन क्षेत्रों में गाय नहीं है, वहां गणना हो। बस्तर जैसे क्षेत्रों में सड़कें नहीं है, वहां गणना हो। जाति जनगणना कराकर भारत को बर्बाद ना कराओ। ये देश के लिए मूर्खता है।

 

 

बागेश्वर सरकार ने कहा कि भारत मातृत्व प्रधान देश है। जहां गाय माता, गंगा माता, गायत्री माता, गौरी माता है, भारत भी एक माता है। लेकिन इस देश में ऐसा प्रदेश है, जिसे मातृत्व दृष्टि से देखा जाता है, उसे कहते हैं छत्तीसगढ़ महतारी। हम ऐसे पावन प्रदेश में आए है, जहां माता कौशल्या विराजमान है, यहां राजीव लोचन, भोरमदेव, जतमई घटारानी, दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी है। यहां कण-कण में राम बसते हैं। शिवरीनारायण में शबरी माता विराजमान है। जहां भगवान राम को झूठे बेर खिलाए।

‘छत्तीसगढ़ में सनातन की बहार लेकर आए’

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि रायपुर में गुढ़ियारी वाले हनुमान मंदिर के पास कथा सुना रहे हैं। छत्तीसगढ़ आए तो सनातन की बहार लेकर आए है। हमारे आने से प्रदेश में भी बदलाव आया है। यहां सरकार बदल गई। लोगों के भाव बदल गए। धर्मांतरण के मामले में देश और प्रदेश की दिशा बदल गई है। धर्मांतरण करने वालों की गठरी बांध दी है।

‘मंदिरों के पुजारी दें धर्म की शिक्षा’ 

धर्मांतरण को रोकने प्रदेश के समस्त मंदिरों के पुजरियों को अपने धर्म की शिक्षा देनी चाहिए, मंगलवार या शनिवार को धर्म की शिक्षा देनी चाहिए। इसका नेतृत्व सभी प्रदेशवासियों को करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र के सवाल पर बागेश्वर सरकार ने कहा कि देश राम राज्य की स्थापना की ओर अग्रसर है। भारत हिंदू राष्ट्र की ओर अग्रसर है।

‘सीएम विष्णुदेव साय ने दिया जशपुर आने का न्योता’

छत्तीसगढ़ की पिछली सरकार पर हमला बोलते हुए बागेश्वर सरकार ने कहा कि इससे पहले प्रदेश में सोयी हुई पशु प्रवत्ति, दिशाहीन एवं सत्ता लोलुपता से भरी राज सत्ता थी। जो बदल गई, कल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी आए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण नहीं होगा। उन्होंने जशपुर आने का न्योता दिया।

धर्मांतरण रोकने मन में बसाए राघव सरकार

वहीं छत्तीसगढ़ में सभी सरकार (कांग्रेस-भाजपा) में धर्मांतरण होने के सवाल पर महाराज ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री आते जाते रहेंगे। प्रदेशवासियों के मन में जब तक राघव सरकार नहीं बैठेंगे, तब तक धर्मांतरण नहीं रूकेगी, सरकार आते रहेगी, जाती रहेगी। लोगों के मन में राम बसना जरूरी है, इसलिए यहां हनुमंत कथा सुनाने आए हैं।

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