Wednesday, April 17, 2024

World Heritage Day: खजुराहो से पुरानी विरासत है हमारे पास, फिर भी उसका दुनिया में नहीं है कोई नामोनिशान! जानिए धरोहरों के नाम…

छत्तीसगढ़ प्राचीन काल से अपनी कला और संस्कृति के लिए विख्यात है. यहां भरपूर वन, जलप्रपात, सदियों पुराने मंदिर और मूतिर्यों के अवशेष जैसे धरोहर पूरे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल जाएंगे. देश की 40 विश्व विरासत जगहों में छत्तीसगढ़ की एक भी धरोहर शामिल नहीं हो पाई है. बता दें कि विश्व धरोहर में शामिल मध्यप्रदेश का खजुराहो है. इसे विडंबना ही कहेंगे कि छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहा जाने वाला भोरमदेव मंदिर का निर्माण खजुराहो के मंदिर से 3 शताब्दी पहले ही हो गया था.

भोरमदेव- कवर्धा से करीब 10 किमी दूर मैकल पर्वत से घिरा यह मंदिर पुरातत्व के रूप में अनमोल धरोहर और आस्था का प्रमुख केंद्र है. भोरमदेव को लोग खजुराहो से जोड़कर देखते हैं. इसलिए लोग इसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भोरमदेव का यह मंदिर खजुराहो से भी पुराना है. इतिहासकारों की मानें तो मध्य प्रदेश स्थित खजुराहो का निर्माण अवधि करीब 10वीं सदी के आसपास की बताई जाती है. वहीं भोरमदेव मंदिर के निर्माण का समय 7वीं शताब्दी की है. नागर शैली में बना यह मंदिर पांच फीट ऊंचे चबूतरे पर स्थित है. मंदिर के मंडप की लंबाई 60 फीट और चौड़ाई 40 फीट है. मंडप के बीच में 4 खंबे हैं और किनारे की ओर 12 खंबे हैं. मंडप में लक्ष्मी, विष्णु और गरूड़ की मूर्ति रखी है.

यूनेस्को के मापदंड को पूरा नहीं कर सके इसलिए विश्व धरोहर से चूके
छत्तीसगढ़ पुरातत्व विभाग प्रदेश के धरोहर को बचाने के लिए लगभग हर साल एक करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है. पांच साल पहले विश्व विरासत की प्रतिक्षा सूची में सिरपुर को शामिल किया था. उस वक्त यूनेस्को (UNESCO) की टीम ने छत्तीसगढ़ पुरातत्व विभाग को कुछ तय मापदंड को दो साल में पूरा करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. तब से इस ओर कोई पहल नहीं हो रही है. पांचवीं शताब्दी के आसपास बसाया गया सिरपुर अपने पुरातात्विक स्मारकों, समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है.

यहां के खास आकर्षण में प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर है, जो पूरे भारत के मंदिरों में से वास्तुकला में सबसे ज्यादा अच्छा माना जाता है. इसके अलावा यहां आंनद प्रभु कुडी बिहार, तुरतुररिया, बुद्ध बिहार, राम मंदिर, बरनावापारा वन्यजीव अभ्यारण्य और गंधेश्वर मंदिर भी शामिल है. जानकारों की मानें तो 6 वीं सदी से 10 वीं सदी तक यह बौद्ध धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल था. यहां छठवीं शताब्दी में निर्मित भारत का सबसे पहले ईंटों से बना मंदिर है. प्रसिद्ध चीनी यात्री व्हेनसांग भी अपनी भारत यात्रा के दौरान सिरपुर आए थे. उन्होंने अपने यात्रा वृतांत में यहां के वैभव का उल्लेख किया है.

वर्ल्ड हेरिटेज (World Heritage) में भारत के 40 स्थान शामिल
भारतीय विश्व धरोहरों की बात की जाए तो यूनेस्को ने देश में कुल 40 विश्व धरोहर घोषित की है. जिसमें 07 प्राकृतिक, 32 सांस्कृतिक और एक 01 मिश्रित स्थल है. इसी तरह छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, रायपुर सर्किल के अंतर्गत केंद्रीय रूप से संरक्षित 46 स्मारक और स्थल हैं. वहीं छत्तीसगढ़ राज्य के राजकीय रूप से संरक्षित 58 स्मारक और स्थल शामिल हैं.

वल्र्ड हेरिटेज में भारत के इन स्थानों को किया गया है शामिल
आगरा का किला, उत्तर प्रदेश

जयपुर सिटी, राजस्थान

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र

सांची के बौद्ध स्तूप, मध्य प्रदेश

चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान, गुजरात

छत्रपति शिवाजी टर्मिनल, मुंबई, महाराष्ट्र

पुराने गोवा के चर्च

एलिफेंटा की गुफाएं, महाराष्ट्र

एलोरा की गुफाएं, महाराष्ट्र

फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश

चोल मंदिर, तमिलनाडू

हम्पी के स्मारक, कर्नाटक

पत्तदकल के स्मारक, कर्नाटक

हुमायुं का मकबरा, दिल्ली

काजीरंगा राष्ट्रीय अभ्यारण्य, असम

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर राजस्थान

खजुराहो के स्मारक और मंदिर, मध्यप्रदेश

महाबोधि मंदिर, बोधगया, बिहार

मानस राष्ट्रीय अभयारण्य, असम

भारतीय पर्वतीय रेल

नंदादेवी राष्ट्रीय अभयारण्य और फूलों की घाटी, उत्तराखंड

कुतुब मीनार, दिल्ली

भीमबेटका के प्रस्तरखंड, मध्यप्रदेश

कोणार्क का सूर्य मंदिर, ओडि़शा

सुंदरवन राष्ट्रीय अभयारण्य, पश्चिम बंगाल

ताजमहल, 1984 आगरा, उत्तरप्रदेश

धुआंधार, 2021 जबलपुर, मध्यप्रदेश

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, होशंगाबाद, मध्यप्रदेश

धोलावीरा, गुजरात

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